Latest: जेड प्लस सिक्योरिटी वाले पंजाब के पूर्व DGP कैसे बन गए मोस्ट वांटेड, पुलिस की 6 टीम को है तलाश | Former DGP of Punjab Sumedh Singh Saini is now most wanted, 6 police team searching

Latest: जेड प्लस सिक्योरिटी वाले पंजाब के पूर्व DGP कैसे बन गए मोस्ट वांटेड, पुलिस की 6 टीम को है तलाश | Former DGP of Punjab Sumedh Singh Saini is now most wanted, 6 police team searching

पंजाब के पूर्व DGP कैसे बन गए ‘मोस्ट वांटेड सुपरकॉप’

1982 बैच के आईपीएस अधिकारी और पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की तलाश में इन दिनों 6 डीएसपी की अगुवाई वाली पुलिस की 6 टीमें लगी हुई हैं, लेकिन पूर्व डीजीपी का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें सरकार की तरफ से जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है, लेकिन उसे छोड़कर वह पिछले 17 दिनों से फरार हैं। सैनी की पहचान पंजाब में आतंकवाद के दौरान उसे सख्ती से मिटाने वाले पुलिस अधिकारी की रही है, लेकिन आज पंजाब का यह टॉपकॉप खुद 29 साल पुराने हत्या के एक मामले में मोस्ट वांटेड बना हुआ है। सैनी पर आरोप है कि 1991 में चंडीगढ़ के एसएसपी रहते हुए उन्होंने एक तत्कालीन आईएएस अधिकारी के बेटे जूनियर इंजीनियर बलवंत सिंह मुल्तानी को अगवा करने, प्रताड़ित करने, लापता करने और उसकी हत्या करने की साजिश रची।

आईएएस के बेटे की हत्या का आरोप

आईएएस के बेटे की हत्या का आरोप

1991 में सैनी को निशाना बनाकर हुए आतंकी हमले में वह घायल हो गए थे। उस घटना में तीन पुलिस वाले शहीद हो गए थे। उनके खिलाफ दायर पुलिस चार्जशीट के मुताबिक सैनी को लगता था कि मुल्तानी को उस आतंकी हमले के संदिग्ध आतंकी देविंदर पाल सिंह भुल्लर के ठिकाने की जानकारी थी। भुल्लर अभी 1993 के दिल्ली बन धमाके के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा है। बीते मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका यह कहकर खारिज कर दी थी कि उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद मोहाली सेशन कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए पुलिस को 25 सितंबर से पहले पेश करने का निर्देश दिया है। 10 सितंबर को सैनी ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है।

पंजाब के सबसे युवा डीजीपी बनाए गए थे सैनी

पंजाब के सबसे युवा डीजीपी बनाए गए थे सैनी

2012 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने उन्हें प्रदेश का सबसे युवा डीजीपी बनाकर सबको चौंका दिया था। क्योंकि कहा जाता है कि पूर्व सीएम बेअंत सिंह ने पंजाब से आतंकवाद मिटाने के लिए सैनी और तत्कालीन डीजीपी केपीएस गिल को खुली छूट दे रखी थी। सैनी को डीजीपी बनाने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों की वरियता को भी नजरअंदाज किया गया था। लेकिन, 2015 में बरगाड़ी में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को अपवित्र करने की घटना के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में मौत के बाद उन्हें पद से हटना पड़ा था। पिछले हफ्ते इस घटना की जांच कर रही एसआईटी ने फरीदकोट ट्रायल कोर्ट में सैनी और लुधियाना के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर को उस पुलिस फायरिंग का मास्टरमाइंड बताया था।

एक कारोबारी के लापता होने का भी है मामला

एक कारोबारी के लापता होने का भी है मामला

सैनी मुल्तानी केस के अलावा लापता होने के एक और मामले में आरोपी हैं, जिसके लिए उनके खिलाफ दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। घटना 15 मार्च,1994 की है, जब कथित रूप से सैनी के कहने पर हरियाणा के कारोबारी विनोद कुमार, उनके साले अशोक कुमार और ड्राइवर मुख्तियार सिंह को अगवा करके गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। आरोपों के मुताबिक सैनी की एक कार डीलरशिप को लेकर झगड़ा था और लुधियाना का कारोबारी उसके लिए पैसे दे रहा था। पीड़ितों के परिजनों को लगता है कि तीनों की हत्या कर दी गई, लेकिन उनका शव कभी नहीं मिल पाया। इंसाफ के लिए लड़ते-लड़ते विनोद की 102 वर्षीय मां भी 2017 में चल बसीं।

पांच राज्यों में छापेमारी, लेकिन खाली हाथ

पांच राज्यों में छापेमारी, लेकिन खाली हाथ

यह भी दिलचस्प है कि सैनी के विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर रहते हुए ही मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले और अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का सामना करना पड़ा था। लेकिन, आज की तारीख में तथ्य ये है कि एक जमाने में पंजाब के सुपरकॉप रहे सैनी की तलाश में 6 पुलिस टीमें लगी हुई हैं और एक की अगुवाई एक-एक डीएसपी कर रहे हैं। पुलिस ने उनके चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के ठिखानों पर छापेमारी की है, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला है। होशियारपुर में उनके पुश्तैनी गांव गुराला कलां से भी पुलिस खाली हाथ लौट चुकी है।

Source link

Follow and like us:
0
20

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here