Latest: भारत-चीन के बीच मोल्‍डो में 6th राउंड कोर कमांडर वार्ता, पहली बार दिल्‍ली से भेजे गए अधिकारी! | India China: 6th round of corps commander talks in Moldo in Chinese side

Latest: भारत-चीन के बीच मोल्‍डो में 6th राउंड कोर कमांडर वार्ता, पहली बार दिल्‍ली से भेजे गए अधिकारी! | India China: 6th round of corps commander talks in Moldo in Chinese side

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oi-Richa Bajpai

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नई दिल्‍ली। भारत और चीन के बीच 21 सितंबर को छठें दौर की कोर कमांडर वार्ता हो रही है। चीन के हिस्‍से में आने वाले मोल्‍डो में हो रही इस वार्ता में विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। छह जून को पहली बार दोनों देशों के बीच कोर कमांडर वार्ता हुई थी। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर कई तरह के घटनाक्रम हुए हैं। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि दो लेफ्टिनेंट जनरल इस बार वार्ता में भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। रविवार को सूत्रों की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई है कि सेना ने एलएसी पर रणनीतिक तौर पर अहम छह चोटियों पर कब्‍जा कर लिया है।

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दो लेफ्टिनेंट जनरल और मेजर जनरल

पहली बार है जब भारत और चीन के बीच हो रही कोर कमांडर वार्ता में दो लेफ्टिनेंट जनरल और दो मेजर जनरल रैंक आर्मी ऑफिसर्स के अलावा विदेश मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव भी इस वार्ता में शामिल हो रहे हैं। वार्ता को प्रतिनिधित्‍व लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्‍ली के सेना मुख्‍यालय से लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन भी वार्ता में शामिल हैं। लद्दाख स्थित फॉरमेशन के मेजर जनरल को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। इन सबके अलावा दीपम सेठ जो इं‍डो-तिब्‍ब्‍त बॉर्डर पुलिस, लेह में इंस्‍पेक्‍टर जनरल के तौर पर तैनात हैं, चार ब्रिगेडियर भी प्रतिनिधिदल का हिस्‍सा हैं। विदेश मंत्रालय में बतौर सचिव पूर्वी एशिया का जिम्‍मा संभाल रहे नवीन श्रीवास्‍तव बातचीत में शामिल हो रहे हैं। भारत और चीन के बीच मई माह से पूर्वी लद्दाख में टकराव जारी है।

पांच दौर की वार्ता रही बेनतीजा

छह जून से लेकर दो अगस्‍त तक दोनों देशों के बीच पांच दौर वार्ता हो चुकी है। लेकिन किसी भी कोर कमांडर मीटिंग में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। सूत्रों की मानें तो इस मीटिंग में भारत न सिर्फ टकराव वाले क्षेत्रों पर बात करेगा बल्कि इस बार वार्ता में पैंगोंग के उत्‍तरी हिस्‍से से लेकर दक्षिण हिस्‍से तक को शामिल किया जाएगा। अभी तक मिलिट्री टॉक्‍स में देपसांग को शामिल नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि सोमवार की वार्ता में इस पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि बड़ा मुद्दों पैंगोंग में चीनी सेना की मौजूदगी होगा। पैंगोंग के उत्‍तर से लेकर दक्षिण तक इस समय चार टकराव वाले बिंदु हैं जहां पर कुछ ही मीटर की दूरी पर भारत और चीन के जवान आमने-सामने हैं। भारत और चीन की सेनाएं इस समय रेकिन ला, रेजांग ला और स्‍पांगुर गैप में फायरिंग रेंज में मौजूद हैं। इसके अलावा पैंगोंग के उत्‍तर में स्थित फिंगर 4 और फिंगर तीन पर भी टकराव जारी है।

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